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ECI ने बढ़ाई SIR की समय सीमा, मतदाता अब 11 दिसंबर तक भर सकेंगे फॉर्म

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एसआईआर की समयसीमा बढ़ाई गई।

नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के कार्यक्रम में संशोधन करते हुए पूरी प्रक्रिया को सात दिन के लिए बढ़ा दिया है। यह निर्णय कार्य के दबाव और समय सीमा की सख्ती को लेकर बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) की कथित आत्महत्याओं और विभिन्न राजनीतिक दलों के विरोध के बाद लिया गया है।

संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, गणना फॉर्म भरने की अंतिम तिथि अब 4 दिसंबर के बजाय 11 दिसंबर, 2025 कर दी गई है। मसौदा मतदाता सूची अब 16 दिसंबर, 2025 को प्रकाशित होगी, और अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी, 2026 को जारी की जाएगी।

विरोध और समय सीमा विस्तार का कारण

ECI का यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से मुलाकात कर BLOs की आत्महत्या के कथित मामलों और पूरी प्रक्रिया की कठोर समय सीमा के बारे में अवगत कराया था। पिछले कुछ हफ्तों से, BLOs पर काम का अत्यधिक दबाव होने, देर रात कॉल आने और SIR के लक्ष्य को पूरा करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर धमकाए जाने की खबरें लगातार सामने आ रही थीं।

प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कम समय दिए जाने को लेकर ECI को कई प्रतिनिधित्व भेजे गए थे। तमिलनाडु और केरल की सत्तारूढ़ सरकारों ने इस अभ्यास के खिलाफ कई आंदोलन किए थे। बंगाल में भी इस प्रक्रिया का भारी विरोध हुआ था। SIR के खिलाफ याचिकाएँ सुप्रीम कोर्ट भी पहुँची थीं, जिसने विभिन्न राज्यों की संयुक्त याचिकाओं पर सुनवाई के लिए सहमति व्यक्त की है।

संशोधित कार्यक्रम

यह गहन पुनरीक्षण वर्तमान में नौ राज्यों (तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश) और तीन केंद्र शासित प्रदेशों (अंडमान और निकोबार, लक्षद्वीप और पुडुचेरी) में चल रहा है। ECI का संशोधित कार्यक्रम इस प्रकार है:

चरण संशोधित समय सीमा
गणना अवधि/मतदान केंद्रों का पुनर्गठन 11 दिसंबर, 2025 (गुरुवार) तक
कंट्रोल टेबल का अद्यतन और मसौदा रोल तैयारी 12-15 दिसंबर, 2025
मसौदा रोल का प्रकाशन 16 दिसंबर, 2025 (मंगलवार)
दावा और आपत्तियों के दाखिल करने की अवधि 16 दिसंबर, 2025 – 1 जनवरी, 2026
अंतिम मसौदा रोल का प्रकाशन 14 फरवरी, 2026 (शनिवार)

संसद सत्र में छाया SIR का मुद्दा

सोमवार (1 दिसंबर) से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में सभी विपक्षी दलों ने SIR अभ्यास पर चर्चा की मांग की है। विपक्षी नेताओं के मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश के कारण यह सत्र तूफानी होने की संभावना है।

BJD नेता सस्मित पात्रा ने कहा कि लगभग सभी दलों ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान SIR पर चर्चा की मांग की है। CPI(M) सांसद जॉन ब्रिट्टास ने सर्वदलीय बैठक के बाद कहा कि विपक्षी दल इस बात पर एकमत थे कि SIR के मुद्दे पर राष्ट्रीय सुरक्षा, ग्रामीण संकट और राज्यपालों द्वारा राज्य विधानसभाओं द्वारा पारित विधेयकों को रोके जाने जैसे संघीय मुद्दों के साथ चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने सरकार के इस प्रस्ताव का भी स्वागत किया कि अगर विषय को व्यापक बनाया जाए और चुनावी प्रक्रिया में सुधार शामिल किया जाए तो वे चर्चा के लिए तैयार हैं।

मयंक शेखर

मैं मीडिया इंडस्ट्री से पिछले 7 सालों से जुड़ा हूं। नेशनल, स्पोर्ट्स और सिनेमा में गहरी रूचि। गाने सुनना, घूमना और किताबें पढ़ने का शौक है।

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