Ghazipur News: जमानियां क्षेत्र के होनहार युवा सेना अधिकारी कैप्टन प्रशांत कुमार चौरसिया (करीब 24 वर्ष) का देहरादून में प्रशिक्षण के दौरान हुए हादसे में निधन हो गया। पिता परषोत्तम चौरसिया के पुत्र प्रशांत देश सेवा के प्रति समर्पित थे। उनके असामयिक निधन की खबर मिलते ही पूरे जमानिया क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई और हर आंख नम हो गई।
जानकारी के अनुसार, देहरादून में चल रही सैन्य ट्रेनिंग के दौरान नदी पार करने के अभ्यास में यह हादसा हुआ। प्रशांत अपने साथियों के साथ नियमित प्रशिक्षण का हिस्सा थे, तभी अचानक दुर्घटना हो गई और उनकी जान चली गई। घटना ने सेना के साथ-साथ उनके गृह क्षेत्र को भी स्तब्ध कर दिया है।
कौन थे कैप्टन प्रशांत चौरसिया?
कैप्टन प्रशांत का सेना तक का सफर बेहद प्रेरणादायक रहा। वर्ष 2022 में नेशनल डिफेंस अकादमी (एनडीए) के माध्यम से उनका चयन लेफ्टिनेंट के रूप में हुआ था। अपनी मेहनत, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के दम पर उन्होंने कम समय में ही कैप्टन का पद हासिल किया। उनका जीवन और संघर्ष क्षेत्र के युवाओं के लिए एक मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है।
उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जमानियां के सेंट मेरीज स्कूल से पूरी की थी। बचपन से ही उनमें देशभक्ति और अनुशासन की झलक दिखती थी, जिसने उन्हें सेना में जाने के लक्ष्य तक पहुंचाया।
परिजनों के मुताबिक, उनका पार्थिव शरीर देहरादून से बाबतपुर हवाई अड्डा लाया जाएगा और वहां से सड़क मार्ग द्वारा जमानियां पहुंचाया जाएगा। दोपहर तक उनके गृह क्षेत्र में पार्थिव शरीर पहुंचने की उम्मीद है।
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जमानियां कस्बा के बलुआ घाट पर होगा अंतिम संस्कार
कैप्टन प्रशांत चौरसिया का अंतिम संस्कार जमानियां के बलुआ घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा। सेना के जवान उन्हें अंतिम सलामी देंगे और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग व शुभचिंतक उन्हें नम आंखों से विदाई देंगे।
इस घटना के बाद जमानियां पूरी तरह शोक में डूबा हुआ है। उनके आवास पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है और बाजार भी सम्मान स्वरूप बंद रखे गए हैं। कैप्टन प्रशांत चौरसिया का निधन उनके परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।









