गाजीपुरः हावड़ा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के वार्ड नंबर 29 के पूर्व टीएमसी पार्षद शैलेश रॉय को हावड़ा सिटी पुलिस ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर (Ghazipur) से गिरफ्तार किया है। शैलेश रॉय को पूर्व मंत्री और वर्तमान हावड़ा विधायक अरूप रॉय का करीबी सहयोगी माना जाता है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर हावड़ा लेकर पहुंची, जहां शुक्रवार को उसे अदालत में पेश किया गया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शैलेश रॉय के खिलाफ हावड़ा के अलग-अलग थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें जबरन वसूली, मारपीट, धमकी, धोखाधड़ी और सरकारी तथा निजी जमीन पर कथित अतिक्रमण जैसे आरोप शामिल हैं। पुलिस को सूचना मिली थी कि वह गाजीपुर में छिपा हुआ है। इसके बाद हावड़ा सिटी पुलिस के इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट की एक टीम ने वहां पहुंचकर छापेमारी की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
हावड़ा पुलिस के डीसी (डीडी) राहुल मिश्रा ने बताया कि शैलेश रॉय के खिलाफ जबरन वसूली और मारपीट समेत कई आरोप हैं। पुलिस उससे पूछताछ कर विभिन्न मामलों में उसकी कथित भूमिका की जांच करना चाहती है। इसी के लिए उसे ट्रांजिट रिमांड पर हावड़ा लाया गया।
जबरन वसूली, धोखाधड़ी और धमकी देने के आरोप
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शैलेश रॉय पर करोड़ों रुपये की कथित जबरन वसूली, धोखाधड़ी और धमकी देने के आरोपों की भी जांच चल रही है। उस पर कथित तौर पर गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर हमला करने और रियल एस्टेट कारोबार को बढ़ावा देने के लिए निजी तथा सरकारी जमीन पर कब्जा करने के आरोप हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर धमकाने और परेशान करने के आरोप भी उसके खिलाफ हैं।
बताया जा रहा है कि हावड़ा मैदान और मंगला हाट इलाके में सरकारी संपत्ति पर कथित अतिक्रमण से जुड़े मामलों में भी शैलेश रॉय का नाम सामने आया है। पुलिस अब उससे पूछताछ के जरिए फरारी के दौरान उसके ठिकानों और संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाएगी। साथ ही दर्ज मामलों में उसकी कथित भूमिका और अन्य आरोपियों के साथ उसके संबंधों की भी जांच की जाएगी।
शैलेश रॉय की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी दर्ज आपराधिक मामलों और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है।
–आईएएनएस इनपुट

