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Param Sundari Review Hindi: एआई और प्यार-मोहब्बत, क्या कुछ है फिल्म में?

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Param Sundari Review Hindi: कभी-कभी शुक्रवार का मूड कुछ अलग ही होता है। हल्की मुस्कान, मन में weekend की तैयारी और एक ताज़ी फिल्म का जादू। आज मैंने देखी “Param Sundari”, और अब आपके साथ इसका अनुभव साझा कर रहा हूँ। यह फिल्म अपने रंगों, संगीत और प्यारी-सी कहानी के साथ दर्शकों को हल्की-फुल्की सैर पर ले जाती है।

कहानी की शुरुआत होती है एक ऐसे ट्रेलर से जिसने अगस्त में ही हलचल मचा दी थी। दिल्ली और केरल की मिली-जुली दुनिया, जाह्नवी कपूर का थोड़ा अटपटा accent और फिर एक गाना “Pardesiya”, जिसने पहली झलक में ही chemistry की आहट दे दी थी। फिल्म की असली कहानी एक ऐप से शुरू होती है, लेकिन जल्द ही यह ऐप से निकलकर असल ज़िंदगी के मुस्कुराते पलों और बातचीत तक पहुँच जाती है। Param Sachdev यानी सिद्धार्थ मल्होत्रा, जो उत्तर भारत का स्मार्ट और थोड़ा ठसक वाला लड़का है, और Sundari यानी जाह्नवी कपूर, जो दक्षिण भारतीय परंपराओं को मानने वाली लड़की है। दोनों के बीच का सफर बताता है कि संस्कृति की दूरी को प्यार की भाषा कितनी खूबसूरती से पाट सकती है।

अभिनय की बात करें तो सिद्धार्थ मल्होत्रा यहां अपने देसी अंदाज़, कॉमिक टाइमिंग और चार्म से पूरी तरह छा गए हैं। उनका किरदार हल्के-फुल्के रोम-कोम के लिए एकदम फिट बैठता है। जाह्नवी कपूर ने इस बार अपने अभिनय से सबको चौंका दिया। आत्मविश्वास, संवाद डिलीवरी और पारंपरिक गरिमा के साथ यह शायद उनके करियर का अब तक का सबसे मजबूत प्रदर्शन कहा जा सकता है। बाकी कलाकारों में संजय कपूर, मंझोट सिंह और रेंजी पैनिकर जैसे नाम हैं, जिन्होंने कहानी को और मज़बूत किया।

तकनीकी पक्ष पर नज़र डालें तो डायरेक्टर तुषार जलोटा ने रोमांस और हास्य को संतुलन के साथ पेश किया है। इंटरवल के बाद थोड़ी धीमी रफ्तार जरूर लगती है, लेकिन कहानी पटरी से उतरती नहीं। सिनेमैटोग्राफी तो फिल्म की जान है- केरल की बैकवॉटर्स, बोट रेस और कोरल रंगीनियां आंखों को सुकून देती हैं। संगीत सच्चिन-जिगर का है और “Pardesiya” से लेकर “Bheegi Saree” तक हर गाना माहौल को जीवंत कर देता है। एडिटिंग स्मूथ है, बस बीच के कुछ हिस्सों में थोड़ी खिंचाव महसूस होता है।

हालांकि हर फिल्म में एक-दो जगह चूक हो ही जाती है। यहां वह पल है क्लाइमेक्स का, जहां वल्लम काली के दौरान हास्य का ओवरडोज़ हो जाता है। साइड किरदारों की ओवरएक्टिंग रिश्तों की गहराई को छूने नहीं देती, बल्कि उसे एक कॉमेडी शो जैसा बना देती है। फिर भी, फिल्म के टोन को देखते हुए यह ज़्यादा खटकता नहीं।

तो सवाल यह कि फिल्म देखनी चाहिए या नहीं? अगर आप एक हल्की-फुल्की, रोमांटिक और म्यूजिकल ride चाहते हैं, तो यह फिल्म आपको गुदगुदाएगी भी और झूमाएगी भी। सिद्धार्थ-जाह्नवी की ऑन-स्क्रीन जोड़ी पहली बार बड़े पर्दे पर है और सच कहूँ तो chemistry काम करती है। लेकिन अगर आप गहरी और गंभीर लव स्टोरी तलाश रहे हैं या फिर भाषा की authenticity को लेकर बहुत संवेदनशील हैं, तो यह फिल्म आपके लिए थोड़ी हल्की और बनावटी लग सकती है।

आख़िर में मेरी राय- Param Sundari एक अच्छी-खासी feel-good फिल्म है, लेकिन टॉप-क्लास बनने से थोड़ा दूर रह गई। मेरी तरफ से इसे 3 में से 5 स्टार। यह फिल्म दिल से हंसाती है, रोमांस से गुदगुदाती है और संगीत से सराबोर करती है, बस थोड़ी और गहराई होती तो सितारे और चमकते।

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 शुरुआत में ट्रेलर ने तुलना खींची, लेकिन आलोचकों ने माना कि यह फ्लेवर्स मिसल करता है और अपनी अलग राह बनाता है। 

संजय कुमार

मैं खबर काशी डॉटकॉम के लिए बतौर एक राइटर जुड़ा हूं। सिनेमा देखने का शौक है तो यहां उसी की बात करूंगा। सिनेमा के हर पहलू—कहानी, अभिनय, निर्देशन, संगीत और सिनेमैटोग्राफी—पर बारीकी से नजर रहती है। मेरी कोशिश रहेगी कि मैं दर्शकों को ईमानदार, साफ-सुथरी और समझदारी भरी समीक्षा दूँ, जिससे वो तय कर सकें कि कोई फिल्म देखनी है या नहीं। फिल्में सिर्फ मनोरंजन नहीं, समाज का आईना भी होती हैं—और मैं उसी आईने को आपके सामने साफ-साफ रखता हूँ।"

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