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Varanasi news: ज्ञानवापी में सावन के दौरान नमाज पर रोक की मांग, शिवसेना ने कहा अगर ऐसा नहीं हुआ तो…

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Varanasi news: उत्तर प्रदेश में शिवसेना (शिंदे गुट) ने सावन महीने के दौरान वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में नमाज पर अस्थायी रोक लगाने की मांग उठाई है। पार्टी का कहना है कि काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं इससे आहत होती हैं। इस संबंध में पार्टी ने मंदिर प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए मांग पूरी नहीं होने पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है।

उत्तर प्रदेश शिवसेना के उपाध्यक्ष अजय चौबे ने बताया कि मंदिर प्रशासन की वार्षिक बैठक के दौरान यह ज्ञापन सौंपा गया। उन्होंने कहा कि सावन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कांवड़िये बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में ज्ञानवापी परिसर में नमाज होने से कई श्रद्धालु असहज महसूस करते हैं।

अजय चौबे ने कहा, “हमने मंदिर प्रशासन को बताया है कि पवित्र सावन माह में जब ज्ञानवापी परिसर में नमाज अदा की जाती है तो श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। इसलिए हमने सावन के दौरान वहां नमाज पर रोक लगाने की मांग की है।”

उन्होंने दावा किया कि ज्ञानवापी परिसर में शृंगार गौरी, काशी विश्वनाथ मंदिर और आदि विश्वेश्वर मंदिर जैसे महत्वपूर्ण हिंदू धार्मिक स्थल स्थित हैं। सावन में बड़ी संख्या में कांवड़िये दर्शन के लिए कतारों में खड़े रहते हैं। चौबे ने कहा कि नमाज के लिए आने वाले लोगों को देखकर कई श्रद्धालु इसे सनातन धर्म का अपमान मानते हैं। इसी आधार पर मंदिर प्रशासन से सावन भर नमाज पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है।

शिवसेना नेता के अनुसार, मंदिर प्रशासन ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि उनकी मांग पर विचार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मांग नहीं मानी गई तो पार्टी विरोध प्रदर्शन करेगी।

इस वर्ष सावन का महीना 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

लंबे समय से अदालत में लंबित है ज्ञानवापी विवाद

वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर से सटे ज्ञानवापी परिसर को लेकर लंबे समय से कानूनी विवाद चल रहा है। हिंदू पक्ष का दावा है कि मस्जिद का निर्माण पहले से मौजूद मंदिर को तोड़कर किया गया था। उन्होंने श्रृंगार गौरी सहित परिसर के विभिन्न स्थलों पर पूजा-अर्चना का अधिकार देने की मांग अदालत में की है।

वहीं, अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी हिंदू पक्ष के इन दावों का विरोध करती है और उन्हें खारिज करती रही है। ज्ञानवापी परिसर से जुड़ा पूरा मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।

मयंक शेखर

मैं मीडिया इंडस्ट्री से पिछले 7 सालों से जुड़ा हूं। नेशनल, स्पोर्ट्स और सिनेमा में गहरी रूचि। गाने सुनना, घूमना और किताबें पढ़ने का शौक है।

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