Murliwala Hausla को किंग कोबरा ने डंसा, रेस्क्यू के दौरान हुआ हादसा, हालत गंभीर

प्राकृतिक जीवन और सर्प सुरक्षा को समर्पित जिले के प्रसिद्ध सर्प रेस्क्यू विशेषज्ञ मुरलीवाले हौसला (Murliwala Hausla)आज जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। अब तक 12 एंटीएनम इंजेक्शन लग चुका है लेकिन उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। बताया जा रहा है कि सुबह लगभग 9:54 बजे, एक जहरीले किंग कोबरा को बचाने की कोशिश में उन्हें सांप ने कई बार डंसा। यह घटना उस समय हुई जब मुरलीवाले और उनकी टीम को सूचना मिली कि एक कोबरा जाल में फंसा हुआ है और तड़प रहा है।

अस्पताल दूर की वजह से बिगड़ी हालत

हौसला मौके पर पहुंचे और जैसे ही सांप को निकालने का प्रयास किया, कोबरा ने अचानक उनकी उंगली में डंस लिया। हालांकि, उनके पास प्राथमिक उपचार के कुछ उपकरण और एंटीवेनम मौजूद था, लेकिन उन्होंने कहा कि वे सीधे अस्पताल पहुंचना बेहतर समझा।

दुर्भाग्यवश, जिस कार से उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा था वह समय पर स्टार्ट नहीं हुई, और उनकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी। उनकी आँखों के सामने अंधेरा छाने लगा। लगभग 35 से 40 मिनट की देरी के बाद, उन्हें बाइक पर बैठाकर अस्पताल लाया गया।

टीम के सदस्य बताते हैं कि डंसे जाने के बाद भी मुरलीवाले ने साहस नहीं छोड़ा, सांप को काबू में लिया और फिर अपने शरीर पर डंसे गए स्थान के ऊपर कपड़ा कसकर बाँधा। अस्पताल पहुंचने पर उन्हें तुरंत आईसीयू में भर्ती किया गया, जहाँ अब तक 12 से अधिक एंटी-वेनम इंजेक्शन दिए जा चुके हैं।

इलाके में चिंता और दुआओं का माहौल

घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में दहशत और चिंता का माहौल बन गया। जिन लोगों की जान मुरलीवाले हौसला ने पहले सांपों से बचाई थी, वे आज उनके लिए दुआ कर रहे हैं। लोग अस्पताल के बाहर इकट्ठा होकर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।

डॉक्टर बीएस उपाध्याय के अनुसार, अगले 12 से 24 घंटे बेहद नाजुक हैं। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है लेकिन धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिल रहे हैं।” उन्होंने आम जनता से अपील की कि यदि कभी सर्पदंश की घटना हो, तो झाड़-फूंक में समय गंवाने की बजाय सीधे अस्पताल पहुंचे और सांप के काटे स्थान के कुछ इंच ऊपर कपड़ा कसकर बाँध दें।

सांपों का संरक्षक मौत और जिंदगी के बीच

मुरलीवाले हौसला न केवल सांपों को पकड़कर जंगल में सुरक्षित छोड़ते हैं, बल्कि सांपों के प्रति फैले डर और अंधविश्वास के खिलाफ भी सक्रिय अभियान चलाते हैं। उनका मानना है कि”प्रकृति में सांपों का संतुलन अत्यंत आवश्यक है और इन्हें मारा जाना एक बड़ी ecological भूल है।” उनकी बनाई टीम आज भी सतर्क है और हर कॉल पर लोगों को जागरूक करने और सांपों को सुरक्षित स्थान पर छोड़ने का काम करती है।

समाज के रक्षक के लिए समाज की प्रार्थना

मुरलीवाले हौसला आज ICU में जीवन की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन उनके हौसले, समर्पण और जीवों के प्रति प्रेम की मिसाल इलाके भर में चर्चा का विषय बनी हुई है। उनके समर्थक और शुभचिंतक एक स्वर में यही कह रहे हैं-“हौसला हार नहीं सकता।”

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मयंक शेखर

मैं मीडिया इंडस्ट्री से पिछले 7 सालों से जुड़ा हूं। नेशनल, स्पोर्ट्स और सिनेमा में गहरी रूचि। गाने सुनना, घूमना और किताबें पढ़ने का शौक है।

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