Nepal earthquake: नेपाल में हाहाकार, 141 लोगों की मौत, पीएम मोदी करेंगे मदद

Nepal earthquake: नेपाल में शुक्रवार देर रात आए 6.4 तीव्रता के जोरदार भूकंप के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 141 (nepal death toll) हो गई। रुकुम पश्चिम और जाजरकोट में सबसे अधिक मौत की पुष्टि हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। कई अस्पतालों को भूकंप प्रभावितों के लिए समर्पित कर दिया गया है। अधिकारियों ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि पहाड़ी गांवों में बचाव अभियान जारी है और दर्जनों लोग घायल पाए गए हैं। कई जगहों से संचार कट गया है।

पीएम मोदी ने नेपाल में भूकंप प्रभावितों की मदद का दिया भरोसा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल में भूकंप के कारण हुई जान-माल की हानि पर दुख व्यक्त किया और पड़ोसी देश को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। पीएम मोदी ने एक्स पर दुख व्यक्त करते हुए लिखा- भारत नेपाल के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है और हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। हमारी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं और हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।

प्रभावित क्षेत्रों से घायलों को एयरलिफ्ट किया जा रहा है

नेपाल के एक अधिकारी ने कहा कि जजरकोट में कल रात आए भूकंप से के कारण काफी नुकसान हुआ। भेरी अस्पताल, कोहलपुर मेडिकल कॉलेज, नेपालगंज सैन्य अस्पताल और पुलिस अस्पताल को भूकंप प्रभावितों के लिए समर्पित अस्पताल बनाया गया है। नेपाल में सभी हेली-ऑपरेटरों को तैयार रहने के लिए कहा गया है और प्रभावित क्षेत्रों से घायलों को एयरलिफ्ट करने की सुविधा के लिए नियमित उड़ान आवाजाही निलंबित कर दी गई है। बकौल अधिकारी, नेपालगंज हवाई अड्डे और सैन्य बैरक हेलीपैड पर एक एम्बुलेंस तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।

नेपाल सेना और नेपाल पुलिस दोनों के जवानों को बचाव कार्य में लगाया गया

नेपाल सेना और नेपाल पुलिस दोनों के जवानों को बचाव कार्य में लगाया गया है। भूकंप और उसके झटकों के कारण हुए भूस्खलन से बचावकर्मियों के लिए कुछ रास्ते बाधित हो गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.4 दर्ज की गई और भूकंप का केंद्र नेपाल में 10 किमी की गहराई पर था। एनसीएस ने कहा कि भूकंप, जो नेपाल के पश्चिमी मंदिर शहर जुमला के पास केंद्रित था, रात करीब 11:32 बजे आया। नेपाल के राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र ने कहा कि इसका केंद्र जाजरकोट में था, जो नेपाल की राजधानी काठमांडू से लगभग 250 मील उत्तर पूर्व में है।

दिल्ली-एनसीआर समेत भारत के कई शहरों में भी महसूस हुए झटके

नेपाल के प्रधान मंत्री पुष्प कमल दहल ने भूकंप से हुई मानवीय और भौतिक क्षति पर दुख व्यक्त किया और तत्काल बचाव और राहत के लिए सभी 3 सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया है। प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ डॉक्टरों और सहायता सामग्री के साथ भूकंप प्रभावित क्षेत्र के लिए रवाना हो गए हैं। नेपाल में आए भूकंप से दिल्ली और उत्तर भारत में तेज झटके आए, जिससे लोग शुक्रवार देर रात अपने घरों से बाहर निकल आए। भूकंप के झटके दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई जिलों में भी महसूस किए गए।

c38c4153506a55f8100e23b49f2caae9bd36566652a67cea1dcf55f764643161

मयंक शेखर

मैं मीडिया इंडस्ट्री से पिछले 7 सालों से जुड़ा हूं। नेशनल, स्पोर्ट्स और सिनेमा में गहरी रूचि। गाने सुनना, घूमना और किताबें पढ़ने का शौक है।

Leave a Comment