Nuh violence: हिंसा के बाद इंटरनेट, स्कूल-कॉलेज बंद, धारा 144 लागू, पुलिस ने जारी की चेतावनी

Nuh violence: हरियाणा के नूंह में सोमवार शाम एक धार्मिक जुलूस के दौरान उपद्रवियों की भीड़ द्वारा पथराव करने और कारों में आग लगाने के बाद दो होमगार्डों की मौत हो गई और पुलिसकर्मियों सहित 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं। राज्य में तनाव बढ़ने पर नूंह और गुरुग्राम जिलों में निषेधाज्ञा लागू कर लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। इसके साथ ही नूंह और फरीदाबाद में बुधवार तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं। गुरुग्राम प्रशासन ने सभी स्कूल, कॉलेज भी बंद करा दिए हैं। जिलाधिकारी निशांत कुमार यादव ने एक आदेश जारी किया है जिसमें कहा गया है कि यहां सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान मंगलवार को बंद रहेंगे।

नूंह में कैसे भड़की हिंसा (nuh violence reason )

पुलिस के अनुसार, एक धार्मिक जुलूस – ‘बृज मंडल जलाभिषेक यात्रा’ – जिसे भाजपा जिला अध्यक्ष गार्गी कक्कड़ ने गुरुग्राम के सिविल लाइन्स से हरी झंडी दिखाई थी, को नूंह में खेड़ला मोड़ के पास पुरुषों के एक समूह ने रोक दिया। नूंह हिंसा पर हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि वहां पर पर्याप्त संख्या में बल तैनात किया जा रहा है। हमने केंद्र से भी बात की है। हम वहां शांति बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं। जहां-जहां पर लोग फंसे हुए हैं उन्हें बचाया जा रहा है।

आपत्तिजनक पोस्ट करने के खिलाफ चेतावनी जारी

पुलिस ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के खिलाफ चेतावनी जारी की है। पुलिस ने कहा है कि भड़काऊ पोस्ट करने या ऐसी पोस्ट पर कमेंट लाइक और फॉरवर्ड करने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।

भूपेंद्र हुड्डा ने खट्टर सरकार को घेरा

उधर, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने सरकार पर कानून व्यवस्था के विफल होने का आरोप लगाया है। उन्होंने ट्वीट किया- प्रदेश में कानून व्यवस्था को कायम करने में BJP-JJP पूरी तरह विफल साबित हुई है। नूंह में हुई हिंसा सरकार की विफलता का परिणाम है। सरकार अपनी जिम्मेदारी को समझें और शांति कायम करने के लिए संवेदनशीलता के साथ हरसंभव प्रयास करें! जनता उकसावे व अफवाहों पर पैनी नजर रखे और प्रेम व भाईचारे की स्थापना में एक दूसरे का सहयोग करे!

नूंह से कांग्रेस विधायक चौधरी आफताब अहमद ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि हम लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रहे हैं। स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रशासन और पुलिस की ऐसी नाकामी मैंने कभी नहीं देखी।

गौरतलब है कि हरियाणा सरकार ने नूंह जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए केंद्र से एक सप्ताह के लिए रैपिड एक्शन फोर्स की 20 कंपनियां मांगी हैं। केंद्रीय गृह सचिव को लिखे एक पत्र में, हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) टी वी एस एन प्रसाद ने 31 जुलाई से एक सप्ताह के लिए “तत्काल” आरएएफ की 20 कंपनियों की मांग की।

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मयंक शेखर

मैं मीडिया इंडस्ट्री से पिछले 7 सालों से जुड़ा हूं। नेशनल, स्पोर्ट्स और सिनेमा में गहरी रूचि। गाने सुनना, घूमना और किताबें पढ़ने का शौक है।

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