Ghazipur news: गाजीपुर में मानसूनी बारिश का असर अब गंगा नदी के जलस्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपरी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश तथा वहां से छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। इसका प्रभाव ददरी घाट समेत जिले के कई प्रमुख घाटों पर देखने को मिल रहा है, जहां नदी का पानी निचले तटीय इलाकों तक पहुंचने लगा है। हालांकि फिलहाल जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है और किसी तरह की बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है।
बाढ़ विभाग के आंकड़ों के अनुसार, गंगा का जलस्तर वर्तमान में 53.450 मीटर दर्ज किया गया है। जलस्तर में हर चार घंटे में लगभग एक सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हो रही है। विभाग के अधिकारी लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं और प्रशासन भी पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
जलस्तर बढ़ने के मद्देनजर जिला प्रशासन ने गंगा किनारे बसे गांवों के लोगों, नाविकों और घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों से नदी के तेज बहाव से दूर रहने, गहरे पानी में प्रवेश न करने और बच्चों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। साथ ही संबंधित विभागों को किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि फिलहाल घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, लेकिन मानसून के दौरान ऊपरी क्षेत्रों में होने वाली बारिश के कारण गंगा के जलस्तर में तेजी से उतार-चढ़ाव संभव है। इसी संभावना को देखते हुए जिले की बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है और हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन एवं बाढ़ विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।










