Varanasi News: धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी काशी की वैश्विक छवि को और अधिक स्वच्छ और गरिमामय बनाने के लिए वाराणसी नगर निगम ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। नगर निगम सदन की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया है कि अब वाराणसी शहर के भीतर मांस-मछली और चिकन की दुकानों का संचालन नहीं होगा। इन सभी दुकानों को अगले 6 महीने के भीतर शहर की सीमा से बाहर तय किए गए 5 प्रमुख स्थानों पर शिफ्ट कर दिया जाएगा।
नगर निगम प्रशासन का मानना है कि इस कदम से शहर की सड़कों पर स्वच्छता बढ़ेगी, खुले में मांस की बिक्री पर रोक लगेगी और देश-विदेश से आने वाले लाखों पर्यटकों को एक बेहतर और पवित्र वातावरण का अनुभव मिलेगा।
5 प्रमुख स्थानों पर बनेगी ‘मीट मार्केट’
शहर के भीतर चल रही दुकानों को पूरी तरह बंद नहीं किया जा रहा है, बल्कि उन्हें व्यवस्थित करने के लिए शहर के बाहर 5 प्रमुख इलाकों को चिह्नित किया गया है। इनमें शामिल हैं:
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रामनगर
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डुमरी
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शिवपुर
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चितईपुर
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(एक अन्य चिन्हित स्थान)
नगर निगम इन नए स्थानों पर वैध दुकानों का निर्माण कराएगा। नई दुकानों में साफ-सफाई, चौबीसों घंटे बिजली-पानी की व्यवस्था और वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन (Waste Management) जैसी सभी आधुनिक और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस बड़े फैसले पर वाराणसी के मेयर अशोक कुमार तिवारी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वर्तमान में शहर के अंदर चल रही मांस-मछली की दुकानें नियमों के मुताबिक अधिकृत (Authorized) नहीं हैं।
मेयर अशोक तिवारी ने कहा, “वर्तमान में शहर के भीतर चल रही ये दुकानें गैर-कानूनी तरीके से संचालित हो रही हैं। हम उन्हें हटा या बंद नहीं कर रहे हैं, बल्कि हम उन्हें कानून सम्मत (Legal) बनाने जा रहे हैं। हम उन्हें शहर के बाहर हर संभव सुविधाओं के साथ बेहतरीन दुकानें आवंटित करेंगे। काशी एक धार्मिक और सांस्कृतिक शहर है, जहां हर दिन करीब 1.5 से 2 लाख पर्यटक आते हैं। वे यहां मांस-मछली की दुकानें देखने नहीं आते। इसलिए, शहर की गरिमा के अनुकूल इन्हें बाहर शिफ्ट किया जा रहा है।”
अगले 6 महीने में पूरी होगी प्रक्रिया
मेयर ने बताया कि इस प्रस्ताव को पहले ही एग्जीक्यूटिव कमेटी ने पास कर दिया था, जिसे अब नगर निगम हाउस ने भी एकमत से मंजूरी दे दी है। मौजूदा दुकानदारों को नए स्थानों पर वैध दुकान आवंटित करने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। नगर निगम ने इस पूरी रिलोकेशन प्रोसेस (Relocation Process) को अगले छह महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
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