गाजीपुरः विनीत उर्फ हनी राय हत्याकांड में वांछित और एक लाख रुपये के इनामी अपराधी शंकर पांडेय को लेकर नए खुलासे सामने आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, कटरा गैंग का कथित सरगना शंकर पांडेय जर्मनी निर्मित प्रसिद्ध माउजर सी-96 (Mauser C96) पिस्टल खरीदने की तैयारी कर रहा था। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और पुलिस ने भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
सूत्रों का कहना है कि शंकर पांडेय की कानपुर और बक्सर से जुड़े कुछ लोगों के साथ कथित तौर पर हथियार खरीदने को लेकर बातचीत चल रही थी। दावा किया जा रहा है कि सौदा लगभग तय हो चुका था और बक्सर से जुड़े पक्ष को एक लाख रुपये अग्रिम राशि भी दी गई थी।
आलोक दूबे भी कथित सौदे में था शामिल
जानकारी के अनुसार, इस कथित हथियार सौदे को अंतिम रूप देने के लिए शंकर पांडेय के साथ उसका सहयोगी आलोक दूबे भी कानपुर और बक्सर गया था। दोनों ही विनीत राय हत्याकांड में फरार हैं और दोनों पर पुलिस ने एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है।
सूत्रों का दावा है कि शंकर पांडेय और उसके सहयोगी जिले में अपना प्रभाव बढ़ाने और विरोधियों के बीच दहशत पैदा करने की रणनीति पर काम कर रहे थे। हालांकि पुलिस की जांच पूरी होने तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं मानी जा सकती।
सूत्रों के अनुसार, शंकर पांडेय का छोटा भाई सुमित पांडेय भी उसके साथ फरार चल रहा है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने सुमित को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। पुलिस टीम लगातार फरार आरोपितों की तलाश में जुटी हुई है।
गाजीपुर में सक्रिय गैंगों पर पुलिस की नजर
कटरा गैंग की चर्चा के बीच जिले के कई इलाकों में सक्रिय कथित गैंगों और सोशल मीडिया नेटवर्क को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि कुछ व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से युवकों का नेटवर्क संचालित किया जा रहा है, जो किसी विवाद या तनाव की स्थिति में बड़ी संख्या में लोगों को एकत्र कर सकता है।
सूत्रों का दावा है कि सैदपुर, खानपुर, बहरियाबाद और सादात क्षेत्र में ऐसे कई समूह सक्रिय हैं, जिनके सदस्य जौनपुर, आजमगढ़ और चंदौली जैसे पड़ोसी जिलों तक फैले हुए हैं। कई युवक एक साथ कई ग्रुपों से जुड़े रहते हैं, जिससे किसी घटना के दौरान उनकी पहचान और भूमिका का पता लगाना कठिन हो जाता है।
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भाईचारा, 0999, 0777, मूसा और पैंथर गैंग की चर्चा
स्थानीय स्तर पर भाईचारा, 0999, 0777, मूसा और पैंथर नाम से संचालित समूहों की भी चर्चा है। आरोप है कि इनसे जुड़े कुछ लोग मारपीट, छिनैती और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों में शामिल रहते हैं। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही संभव है।
सैदपुर क्षेत्राधिकारी रामकृष्ण तिवारी ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप ग्रुपों की लगातार निगरानी की जा रही है। यदि कोई व्यक्ति या समूह कानून-व्यवस्था प्रभावित करने, उपद्रव फैलाने या आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2021 में शंकर पांडेय और उसके गैंग को चिन्हित करते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। इसी दौरान उसका डोजियर भी तैयार किया गया था।
क्या होता है डोजियर?
डोजियर किसी अपराधी की विस्तृत गोपनीय प्रोफाइल होती है, जिसमें उसके आपराधिक इतिहास, सहयोगियों, वित्तीय मददगारों, जमानतदारों, पारिवारिक पृष्ठभूमि और दर्ज मुकदमों से जुड़ी जानकारियां शामिल होती हैं।
सूत्रों के मुताबिक, विनीत राय हत्याकांड के बाद पुलिस एक बार फिर शंकर पांडेय और उसके कथित नेटवर्क की गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। इसके लिए पुराने डोजियर रिकॉर्ड और अन्य खुफिया सूचनाओं का भी सहारा लिया जा रहा है।









