गाजीपुरः होटल कारोबारी के बेटे विनीत राय हत्याकांड के मुख्य आरोपी कमलेश चौधरी के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद गाजीपुर में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचते ही कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें सीओ सिटी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात बिगड़ते देख भारी पुलिस बल तैनात किया गया और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया।
गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. इरज राजा ने बताया कि 29-30 मई की रात होटल कारोबारी के पुत्र विनीत राय की निर्मम हत्या कर दी गई थी। मामले में मुख्य आरोपी कमलेश चौधरी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस के अनुसार, चेकिंग के दौरान आरोपी को रोकने का प्रयास किया गया तो उसने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम के बाद जब कमलेश चौधरी का शव उसके गांव लाया जा रहा था, तभी कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की और पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए इस हमले से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। करीब चार से पांच मिनट तक स्थिति तनावपूर्ण रही, लेकिन अतिरिक्त पुलिस बल के पहुंचने के बाद हालात पर काबू पा लिया गया।
सीओ सिटी समेत कई पुलिसकर्मी घायल

पथराव में सीओ सिटी शेखर सेंगर के सिर में चोट आई है, जबकि कई महिला पुलिसकर्मी और अन्य जवान भी घायल हुए हैं। पुलिस का कहना है कि उपद्रवी भीड़ होमगार्ड कार्यालय और आसपास के इलाकों तक पहुंच गई थी तथा पुलिसकर्मियों की तलाश करते हुए कई स्थानों पर पथराव किया गया। घटना के दौरान स्थानीय व्यापारियों ने एहतियातन अपनी दुकानें बंद कर दीं, जबकि कई परिवार घरों में रहने को मजबूर हो गए।
घटना के बाद फुल्लनपुर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल और पीएसी के जवानों की तैनाती की गई। स्थिति सामान्य होने पर पुलिस ने कमलेश चौधरी के शव को श्मशान घाट पहुंचाया, जहां परिजनों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कराया गया।
एसपी डॉ. इरज राजा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उपद्रव में 50 से 60 लोगों के शामिल होने की आशंका है। सीसीटीवी कैमरों और वीडियो फुटेज के आधार पर उनकी पहचान की जा रही है। कई लोगों को चिन्हित भी कर लिया गया है, उनका अच्छे से इलाज किया जाएगा। एसपी ने कहा कि उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही, ऐसे लोगों को संरक्षण देने वालों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।









